चीन की दीवार की रोचक जानकारिया !

- चीन की महान दीवार पत्थर और मिट्टी से बनी हुई है जिसे चीन के
विभिन्न शाशको द्वारा उत्तरी हमलावरों से सुरक्षा के लिए 5वी सदी ईसा पूर्व
से लेकर 16वी सदी ईसा पूर्व तक बनवाया गया।
- इस दीवार के कुछ हिस्से आपस में जुड़े हुए नहीं है। यदि इसके
सभी हिस्सों को आपस में जोड़ दिया जाए तो दीवार की लंम्बाई 8848 किलोमीटर
तक पहुँच जाएगी।
- एक अनुमान के अनुसार इस दीवार को बनाने के लिए 20 से 30 लाख लोगो ने अपना जीवन लगा दिया।
- चीन की दीवार की ऊँचाई हर जगह एक जैसी नही है। कुछ जगह तो 8-9 फुट ही ऊँची है। इसकी सबसे ज्यादा ऊँचाई 35 फुट है।
- इसमें दूर से आते शत्रुओं पर निगाह रखने के लिए निरीक्षण मीनारे भी बनाई गई।
- दीवार की चौड़ाई इतनी रखी गई कि 5 घुड़सवार या 10 पैदल सैनिक बगल-बगल में गश्त लगा सकें।
- इस दीवार को चीन के लोग 'वान ली छांग छंग' कहते है जिसका अर्थ है चीन की लंबी दीवार।
- भले ही इस विशाल दीवार का निर्माण विदेशी हमलावरों को रोकने
के लिए हुआ था परन्तु सदियों तक इसका उपयोग परिवहन, माल तथा लम्बी यात्रा
के लिए भी होता रहा।
- यह दीवार हमेशा सुरक्षित और अजेय नही रह सकी। कई बार हमलावों
ने इस पर विजय प्राप्त की और इस दीवार को तोड़ा। सन् 1211 मे चंगेज़ खां इस
दीवार को तोड़कर चीन आया था।
- यह दीवार लगभग 6400 किलोमीटर लंबी है। यह दीवार इतनी बड़ी है
कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। ऊपर दिया चित्र नासा की वेबसाइट से
लिया गया है। ध्यान से देखने पर दीवार के कुछ हिस्से दिखाई देते हैं।
- इस दीवार को बनाने में जो मजदूर लगे थे, उनमें से जो कठोर
श्रम नही कर रहे थे उन्हें इस दीवार में ही दफना दिया जाता था। इस लिए इस
दीवार को दूनिया का सबसे लंम्बा कब्रिस्तान भी कहते हैं।